ऐशबाग में 71 फुट के रावण के पुतले का होगा दहन

 

रावण दहन, मेला व आतिशबाजी के सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होंगे

रामलीला कमेटियां आनलाइन शो के जरिए दर्शकों को दिखायेंगी मंचन

लखनऊ । राजधानी में रविवार को सरकारी गाइडलाइन के तहत दशहरा पर कार्यक्रम आयोजित होंगे। मेले, आतिशबाजी व अन्य बड़े कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए हैं। कुछ जगहों पर आनलाइन कार्यक्रम होंगे। लखनऊ का मशहूर ऐशबाग में रावण दहन कार्यक्रम भी आनलाइन ही दिखाया जाएगा। रामलीला मैदान में केवल रावण के पुलते का दहन होगा। दर्शकों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा। 

श्रीराम लीला समिति ऐशबाग के तत्वावधान में शारदीय नवरात्रि की दशमी एवं विजयदशमी रविवार को रामलीला मैदान में 71 फुट के रावण के पुतले का दहन किया जायेगा। इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा होंगे। कोरोना के कारण सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कार्यक्रम प्रतिपादित किया जायेगा। दर्शकों के प्रवेश पर पूर्णरूप से प्रतिबन्ध होगा। दर्शक रावण दहन का कार्यक्रम श्रीरामलीला समिति ऐशबाग के फेसबुक और यू-टयूब पर ऑनलाइन देखा जा सकता है।

अपने 500 वर्ष के इतिहास में यह पहली बार होगा। जब रावण का भाई कुम्भकर्ण और दशानंद का पुत्र मेघनाद का पुतला रावण के साथ नहीं फूंका जाएगा। कोरोना संक्रमण की वजह से ऐशबाग की रामलीला में इस बार कई बदलाव देखने को मिले और कई हो रहे हैं। इस बार रावण के पुतले की उंचाई सिर्फ  71 फुट होगी। रामलीला मैदान में केवल 200 लोग ही रावण वध और उसके दहन के गवाह बनेंगे। बाकी श्रद्धालुगण पूरे कार्यक्रम को वर्चुअल तरीके से देखेंगे। पिछले 12 दिन से ऐशबाग रामलीला का आनलाइन मंचन हो रहा है। बताया जाता है कि ऐशबाग रामलीला की स्थापना गोस्वामी तुलसीदास ने 15वीं शताब्दी में की थी। और वह दिन है आज का दिन हर वर्ष लखनऊ के ऐशबाग की रामलीला जोर शोर से मनाई जाती है। 2016 में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस राम लीला में शिरकत कर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया था।

ऐशबाग रामलीला में रावण के पुतले को बनाने का विशेष आयोजन होता है। प्लाईवुड की लकडिय़ों से इस पुतले को बनाया जाता है। बाहर से कारीगर आते थे लेकिन इस बार औपचारिकताओं को निभाते हुए बांस की खप्पचियों पर पुतला बनाया गया है। शाम 7:30 बजे रावण दहन का दहन होगा। पर इस बार बुराई के प्रतीक रावण का पुतला अकेले ही फूंका जाएगा। 

राज्यसभा के लिए बसपा ने रामजी गौतम को उतारा मैदान में

लखनऊ। बसपा ने राज्यसभा के लिए बिहार के प्रभारी रामजी गौतम को अपना प्रत्याशी बनाया है। वह 26 अक्टूबर को अपना नामांकन भरेंगे। विधानसभा में बसपा के पास 18 विधायक हैं। पार्टी को एक सीट निकालने के लिए करीब 39 प्रतिशत मतों की जरूरत होगी। इससे साफ  है कि उसे दूसरे दलों से सहयोग लेना पड़ेगा। अब कौन से दल के लोग उनके प्रत्याशी के लिए वोटिंग करेंगे ये देखना दिलचस्प होगा। 

बता दें कि बहुजन समाज पार्टी के विधायकों की संख्या वैसे तो 18 है लेकिन इनमें भी मुख्तार अंसारी, अनिल सिंह समेत कई ऐसे विधायक है जिनके वोट कहीं और खिसकने के आसार है। फिर भी मायावती ने प्रत्याशी उतारकर, भाजपा के नौवें उम्मीदवार के निर्विरोध निर्वाचित होने की संभावना को खत्म कर दिया है। बसपा नेताओं का कहना है कि मायावती को कांग्रेस, सपा और अन्य विपक्षी दल भाजपा की बी टीम कहते हैं जिसको रोका जाना बेहद जरूरी है।



कोरोना : चार की मौत 292 वायरस की चपेट में


लखनऊ। शनिवार को भी कोरोना वायरस ने तीन सौ के करीब मरीजों को अपनी चपेट में ले लिया। एक दिन में 292 मरीज संक्रमित हुए जबकि 4 मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चौबीस घंटे में 284 मरीज संक्रमण मुक्त घोषित किए गए। 

किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि 4 पुरूष और 4 महिलाओं समेत 8 मरीज कोरोना वार्ड से डिस्चार्ज किए गए। इसके अलावा सुल्तानपुर निवासी 74 वर्षीय महिला की कोरोना वार्ड में इलाज के दौरान मौत हो गयी। रोगी को 15 अक्टूबर की रात भर्ती किया गया था। एक्यूट रेस्पाइरेटरी डिस्ट्रेस सिन्ड्रोम व सेप्टिक शॉक के कारण मरीज की जान गयी। रायबरेली से आए 50 वर्षीय मरीज की भी कोरोना वार्ड में मौत हो गयी। मरीज को 16 अक्टूबर की सुबह भर्ती किया गया था। डाक्ट
रों ने बताया कि भर्ती के समय से ही रोगी की स्थिति नाजुक थी। सेप्टिक शॉक के कारण मरीज की मौत हुई। सीएमओ कार्यालय के प्रवक्ता योगेश रघुवंशी के मुताबिक 284 रोगियों को स्वस्थ होने के उपरान्त अलग-अलग कोविड अस्पतालों डिस्चार्ज किया गया। जबकि कान्टेक्ट ट्रेसिंग के आधार पर टीमों द्वारा 6173 लोगो के सैम्पल लिये गये। उन्होंने बताया कि गोमती नगर में 29, रायबरेली रोड में 24, इंदिरा नगर में 21, जानकीपुरम में 10, हजरतगंज में 16, तालकटोरा में 14, अलीगंज में 17, विकास नगर में 15, आशियाना में 10, महानगर में 11, चिनहट में 10, सरोजनी नगर में 14 व चौक में 10 पाजिटिव रोगी पाये गये।

डेंगू ने पकड़ रहा रफ्तार दो दिन में 20 मरीज

लखनऊ। राजधानी में कोरोना कमजोर हुआ तो डेंगू ने रफ्तार पकड़ ली। बीते दो दिनों में डेंगू के 20 के करीब मरीज मिलने से अफसरों की नींद उड़ गयी है। डेंगू का सबसे अधिक कहर फैजुल्लागंज में देखने को मिल रहा है। 

ठण्ड बढऩे के साथ ही डेंगू का वायरस अपने पैर पसारने लगा है। पिछले करीब एक माह से डेंगू के मरीज शहर के विभिन्न इलाकों में मिल रहे थे लेकिन इन दो दिनों में एकाएक 20 मरीज मिलने से दहशत बढ़ गयी। शनिवार को फैजुल्लागंज के कृष्ण लोक में त्रिवेंद्र मिश्रा(22), गौर भीठ में प्रिया सिंह (32), श्याम बिहार में तान्या (5), बसंत बिहार कॉलोनी में दिनेश अवस्थी (55), केशव नगर में दीपक (12), रवि (22) तथा केशव नगर के ही शुभम (24) डेंगू पॉजिटिव पाए गए। डेंगू के बढ़ते कहर को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय भटनागर ने लोगों से अपील की कि ठण्ड का मौसम आने के कारण कूलर का इस्तेमाल बन्द हो गया है। ऐसे में जरूरी है कि कूलर से पानी को पूरी तरह निकालकर उसे कपड़े से सुखाकर रखें ताकि वहां मच्छरों के पनपने की संभावना न रहे। डेंगू पैदा करने वाले मच्छर का लार्वा पानी में ही पैदा होता है इसलिए जरूरी है कि ऐसी स्थिति पनपने दें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहने और सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। जो लोग सुबह मार्निंग वाक के लिए निकलते हैं वह शरीर को ढककर रखें। 


सिविल अस्पताल में शुरू हुई पोस्ट कोविड क्लीनिक

लोकबंधु अस्पताल में भी चल रही ऐसे ही क्लीनिक खोलने की तैयारी

लखनऊ। कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद भी शरीर में कई ऐसी दिक्कतें रह जाती हैं जिनका पता बाद में चलता हैं। इन समस्याओं का इलाज भी जरूरी है इसके लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में पोस्ट कोविड क्लीनिक शुरू की गयी है। क्लीनिक में कोरोना के साइड इफेक्ट का इलाज होगा। 

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सिविल अस्पताल में पहली पोस्ट कोविड क्लीनिक की शुरुआत की गयी है। डाक्टरों का कहना है कि कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों को भविष्य में कोई दिक्कत न हो इसके लिए कोविड के साइड इफेक्ट का इलाज भी जरूरी है। सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके नंदा का कहना है कि कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी मरीज में कई दिक्कतें रहती हैं उनके इलाज के लिए पोस्ट कोविड क्लीनिक की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि डॉ.  एनबी सिंह के नेतृत्व में क्लीनिक चलेगी। अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. एससी मौर्या ने बताया कि कोरोना वायरस का असर समाप्त होने के बाद ज्यादातर मरीजों में वजन का कम हो जाता है, थकान महसूस होती है। कमजोरी, चक्कर आना, भूख न लगना, जोड़ों में दर्द होने के साथ लीवर, किडनी, फेफड़े तक में समस्याएं आ जाती हैं। इसलिए कोरोना संक्रमण से मुक्त हो चुके मरीजों की इन बीमारियों का इलाज जरूरी है, अन्यथा आगे चलकर उन्हें और भी समस्याएं हो सकती हैं। इसी कारण मरीजों के इलाज को पोस्ट कोविड क्लीनिक की बेहद जरूरत थी। उल्लेखनीय है कि लेवल 2 लोकबंधु कोविड अस्पताल में कोरोना संक्रमण से उबरने के बाद लोगों को हो रही समस्याओं के मद्देनजर पोस्ट कोविड क्लीनिक खोलने की तैयारी चल रही है। गौरतलब है कि सिविल अस्पताल के बाद लोक बंधु अस्पताल में भी कोरोना मरीजों के लिए ऐसी ही पोस्ट कोविड क्लीनिक खोली जाएगी। 

आज खुलेंगे बैंक, निपटाये जायेंगे पथ विक्रेताओं के लोन आवेदन

लखनऊ। रविवार को दशहरा है। बैंकों में छुट्टी रहती है लेकिन लखनऊ के सभी बैंक खुले रहेंगे। आम लोगों के लिए नहीं सिर्फ प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत शहरी पथ विक्रेताओं के लोन के आवेदन निपटाये जायेंगे। डीएम अभिषेक प्रकाश ने यह आदेश जारी किये हैं। सभी शाखाओं में लंबित आवेदन पत्रों का निस्तारण किया जायेगा। इसके साथ ही कैंप लगाकर प्रधानमं9ी स्वनिधि योजना का कार्य किया जायेगा। 

डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत शहरी पथ विक्रेताओं को ऋण उपलब्ध कराये जाने के सम्बंध में शासना द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पूरा किया जाना है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रत्येक कार्य दिवस की भांति रविवार यानी 25 अक्टूबर को लखनऊ के सभी बैंक व शाखायें खोली जायेंगी। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के सभी लंबित आवेदन स्वीकृृत व संवितरण करना सुनिश्चित करें। इस दौरान केवल आवेदन पत्रों से जुड़ा कार्य ही होगा। उन्होंने इसके साथ ही यह भी आदेश दिया कि नगर निकाय भी पहले की तरह खुले रहेंगे। कैंप लगाकर प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना का कार्य किया जायेगा। जो बैंक अथवा उनकी शाखा व निकाय खुले नहीं पाये गये तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी। 

रुला रहा है प्याज, भोजन से हुए दूर

लखनऊ। लॉकडाउन के चलते आम आदमी का बजट पहले से ही बिगड़ा हुआ है। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई तो मंहगाई ने कमर तोडऩी शुरू कर दी है। लॉकडाउन के दौरान हरी सब्जियों ने खुब रुलाया और अब प्याज के लगातार बढ़ते दामों ने लोगों को रुलाना शुरू कर दिया है। 

बारिश की वजह से प्याज के दाम में एक बार फिर उछाल आ गया है। अभी कुछ दिन पहले तक 30 से 40 रुपये किलो बिकने वाला प्याज आज फुटकर बाजार में 75 से 80 रुपये किलो बिक रहा है। लगातार बढ़ रहे प्याज के दाम कहां तक जायेंगे, इसका अनुमान नहीं लगाया जा सकता। मंडी से जुड़े कारोबारियों की
माने तो प्याज के दाम अभी एक माह तक गिरावट नहीं दिख रही है। दाम बढ़ सकते हैं घट नहीं सकते हैं। दुबग्गा फल व सब्जी व्यापारी समिति के महामंत्री शाहनवाज हुसैन बताते है कि दुबग्गा मंडी में 52 से 56 रुपये किलो एक नम्बर का प्याज बिक रहा है। जिन राज्यों से प्याज आता था वहां से अभी माल नहीं आ पा रहा है। जिसके चलते प्याज के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि महाराष्टï्र के नासिक और अहमदनगर से सबसे ज्यादा प्याज आता है। इसके अलावा मध्य प्रदेश के इंदौर और शाजापुर से प्याज आता है। उन्होंने बताया कि पहले ही व्यापारियों के पास माल की कमी थी। ऊपर से बैंगलोर और हैदराबाद की तरफ हुई बारिश की वजह से माल नहीं आ पा रहा है।